शुक्रवार, 20 सितंबर 2013
फिक्की बात :- अभी के जो राजनीती गतिबिधिया हैं, उसमे सबसे दुबिधा में नितीश कुमार है। शायद उनको अभाश हो ना हो पर यह सच हैं की कांग्रेस उनको भाव देनेवाले नहीं हैं और भाजपा उनके पास जाने को तैयार नहि होंगे। इस विषम परिस्थिति में उनके सारे सोशल समीकरण धरा के धरा ही रह जायेंगे। उनका हाल धोवी के कुत्ता जैसे ना हो जाय जो ना घर का और ना घाट का। यह उन्हें कौन समझाए ………
गुरुवार, 19 सितंबर 2013
सरकारी और प्राइवेट फर्म में फर्क का अन्दजा इसी बात से लगाया जा सकता हैं की लैपटॉप में सिकायत आइ तो मैंने एक मेल लिखा Michel DELL साहब को और उन्होंने फ़ौरन इस कारवाई के लिए भेज दिया जबकि सरकारी कंपनी MTNL के चेयरमैन को कई बार मेल लिखा ब्रॉड बैंड में शिकायत के विषय में लेकिन अभी तक उनका ना कोई जवाब और ना ही कोई करवाई देखने को मिला।
बुधवार, 18 सितंबर 2013
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