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गुरुवार, 1 अगस्त 2013

हे इश्वर, हमें भी दे एक गोद्फादर

जिसका करू मैं सदैव आदर

जतन इतना हैं इस दिल में,

जिसको बयां करना आसान नहीं

चांदी का चमच किस्मत में ना सही

हो तेरा आसरा, फिर हैं क्या कमी

बना दे हमको मनमोहन

और सोनिया जैसी दे एक गोदमदर

मैं भी बोल सकता हूँ, जब कहे तो चुप रह सकता हूँ

जितना चाहे उतना मैं भी कर सकता हूँ कदर

हे इश्वर, हमें भी दे एक गोद्फादर

जिसका करू मैं सदैव कदर

चड्ढा हो या कांदा सब पर तेरा हैं दया दृष्टि

वाह रे ऊपर वाला तूने कैसी बनाई हैं श्रिष्टी

जो पहन न सके चाद्द्धि उसने सबको टोपी पहनाया

जिनके पैरो तले जमी नहीं, पटका असमान में फहराया

कुछ कर यूँ ना मोन रह, हैं विनीति सादर।

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